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दैनिक बाजार अपडेट: Nifty में सुस्ती के बीच Sensex 78,080 पर संभला, RBI ने फ्लोटिंग लोन रिसेट नियम प्रस्तावित किए, और FIIs ने बेचे ₹1,006 करोड़

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दैनिक बाजार अपडेट: Nifty में सुस्ती के बीच Sensex 78,080 पर संभला, RBI ने फ्लोटिंग लोन रिसेट नियम प्रस्तावित किए, और FIIs ने बेचे ₹1,006 करोड़

दैनिक बाजार अपडेट: Nifty में सुस्ती के बीच Sensex 78,080 पर संभला, RBI ने फ्लोटिंग लोन रिसेट नियम प्रस्तावित किए, और FIIs ने बेचे ₹1,006 करोड़

13 अगस्त 2026 को भारतीय वित्तीय बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। बीएसई सेंसेक्स ने दो दिन की गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए बढ़त दर्ज की, जबकि ब्रेंट क्रूड में उतार-चढ़ाव और मेटल शेयरों पर दबाव के कारण निफ्टी 50 मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रिटेल और एमएसएमई लोन्स के ब्याज दरों के लिए पेश किए गए नए पारदर्शी मसौदे और विदेशी फंड्स के रुख ने बाजार धारणा को प्रभावित किया।


📌 सेंसेक्स में बढ़त, निफ्टी में लगातार तीसरे दिन नरमी

गुरुवार को भारतीय सूचकांकों में विपरीत चाल देखी गई। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 113.61 अंक (0.15%) बढ़कर 78,079.96 पर बंद हुआ, जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 50 40.10 अंक (0.16%) फिसलकर 24,395.85 पर आ गया। बाजार का वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX 14.65 पर स्थिर रहा।

निफ्टी पर सबसे बड़ा दबाव मेटल और एनर्जी शेयरों से आया — कमजोर वैश्विक मांग के चलते निफ्टी मेटल इंडेक्स 1.25% टूटा (टाटा स्टील, हिंडाल्को और जेएसडब्ल्यू स्टील 1% से 2.4% तक गिरे)। इसके विपरीत, ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर ने बाजार को संभाला। टाटा मोटर्स 4% उछलकर ₹1,042.50 पर बंद हुआ, जिसे मजबूत Q1 नतीजों और कमर्शियल व्हीकल मार्जिन में सुधार का सहारा मिला।

ब्रेंट क्रूड वायदा $81.50 प्रति बैरल के ऊपर बना रहा, जिससे आयात बिल की चिंताएं बनी रहीं। हालांकि, मिडकैप 100 में 0.28% और स्मॉलकैप 100 में 0.42% की बढ़त ने स्पष्ट किया कि खुदरा और घरेलू फंड्स की भागीदारी मजबूत है। तकनीकी रूप से निफ्टी के लिए 24,350 (50-दिवसीय ईएमए) अहम सपोर्ट है, जबकि 24,550–24,600 पर कड़ा प्रतिरोध बना हुआ है।


🏦 RBI का नया मसौदा: फ्लोटिंग रेट लोन के स्प्रेड को 3 साल तक फ्रीज करने का प्रस्ताव

ग्राहकों के हितों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने "Reserve Bank of India (Interest Rates on Loans and Advances) Directions, 2026" का मसौदा जारी किया:

  1. अधिकतम 3 महीने में रिसेट: सभी फ्लोटिंग-रेट खुदरा (होम लोन, ऑटो लोन) और एमएसएमई लोन्स की ब्याज दरों का रिसेट हर 3 महीने में अनिवार्य रूप से होना चाहिए।
  2. 3 साल तक स्प्रेड फ्रीज: बैंक या एनबीएफसी जिस गैर-क्रेडिट रिस्क स्प्रेड पर लोन वितरित करेंगे, वह कम से कम 3 वर्षों तक नहीं बढ़ाया जा सकेगा (जब तक कि ग्राहक की क्रेडिट प्रोफाइल खराब न हो)। इससे बैंक गुपचुप तरीके से अपना मुनाफा मार्जिन नहीं बढ़ा पाएंगे।
  3. पारदर्शिता: पुराने और नए ग्राहकों के बीच ब्याज दरों के भेदभाव को समाप्त करने पर जोर दिया गया है।

यह कदम ऐसे समय आया है जब जुलाई 2026 में भारत की खुदरा महंगाई (CPI) बढ़कर 4.45% पर पहुंच गई। हालांकि यह 6% के दायरे में है, लेकिन 4% के लक्ष्य से अधिक होने के कारण आरबीआई का तटस्थ रुख सही साबित हुआ है।


📊 FIIs ने बेचे ₹1,006 करोड़; डेट मार्केट में लगाया पैसा, DIIs बने सहारा

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नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के अनंतिम आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने कैश इक्विटी सेगमेंट में ₹1,005.68 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और मजबूत डॉलर के चलते विदेशी फंड्स पिछले चार सत्रों से लगातार शुद्ध बिकवाल बने हुए हैं।

हालांकि, विदेशी निवेशकों ने भारतीय बॉन्ड बाजार में अपनी रुचि बरकरार रखी और सरकारी ऋण (Debt) सेगमेंट में ₹327.40 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की। वैश्विक बॉन्ड इंडेक्स में भारत के शामिल होने से सॉवरेन पेपर में लगातार विदेशी पूंजी आ रही है, जिससे 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड घटकर 6.81% पर आ गई।

घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹845.20 करोड़ की शुद्ध खरीदारी करके बाजार को सहारा दिया। म्यूचुअल फंड्स में हर महीने आने वाला ₹23,500+ करोड़ का एसआईपी (SIP) इनफ्लो विदेशी बिकवाली के सामने मजबूत ढाल बना हुआ है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 83.92/USD पर स्थिर बंद हुआ।


📌 संक्षेप में (The Bottom Line)

  • nifty-sensex-divergence: टाटा मोटर्स में 4% की रैली से सेंसेक्स 78,079.96 पर बंद हुआ, जबकि मेटल शेयरों की कमजोरी से निफ्टी 40 अंक गिरकर 24,395.85 पर आया।
  • rbi-loan-guidelines: आरबीआई ने फ्लोटिंग लोन्स के लिए 3 महीने के रिसेट और 3 साल तक लेंडिंग स्प्रेड फ्रीज करने का नियम प्रस्तावित किया; जुलाई CPI महंगाई 4.45% पर पहुंची।
  • fii-dii-flows: विदेशी निवेशकों ने इक्विटी से ₹1,005.68 करोड़ निकाले लेकिन ₹327 करोड़ के बॉन्ड खरीदे; DIIs ने ₹845.20 करोड़ का निवेश किया, रुपया 83.92/USD पर स्थिर रहा।

आप Zerodha या Upstox पर बिना किसी डिलीवरी शुल्क के ब्लूचिप और ऑटो शेयरों में निवेश कर सकते हैं।


डिस्क्लेमर: यह विश्लेषण केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए प्रकाशित किया गया है।

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About the Author

Siddharth Purohit — Founder & Chief Editor, RupeeNomics

Siddharth is an active retail investor, software engineer, and personal finance researcher based in India. He founded RupeeNomics to provide unbiased, math-grounded comparisons of Demat accounts, mutual funds, tax regimes, and insurance products. Every guide is independently researched and verified against official SEBI, AMFI, and IRDAI disclosures before publication.

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