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भारतीय बाजार अपडेट: क्रूड में उछाल से Nifty 24,450 के नीचे, RBI ने रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रखा, और FII इनफ्लो फिर शुरू

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भारतीय बाजार अपडेट: क्रूड में उछाल से Nifty 24,450 के नीचे, RBI ने रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रखा, और FII इनफ्लो फिर शुरू

भारतीय बाजार अपडेट: क्रूड में उछाल से Nifty 24,450 के नीचे, RBI ने रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रखा, और FII इनफ्लो फिर शुरू

वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उछाल और भू-राजनीतिक तनावों के बीच भारतीय बेंचमार्क सूचकांकों में लगातार दूसरे सत्र में हल्की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, मजबूत घरेलू संस्थागत निवेश (DII) और आरबीआई के स्थिर नीतिगत संकेतों ने बाजार को मजबूत संरचनात्मक लचीलापन प्रदान किया।


📌 ब्रेंट क्रूड $90 के करीब पहुंचने से Nifty 50 और Sensex में नरमी

12 अगस्त 2026 को भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुए। मध्य पूर्व में समुद्री मार्गों (होर्मुज जलडमरूमध्य) में रुकावट की चिंताओं के कारण ब्रेंट क्रूड $90 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। बीएसई सेंसेक्स 188.00 अंक (0.24%) गिरकर 77,966.35 पर और एनएसई निफ्टी 50 36.00 अंक (0.15%) टूटकर 24,435.95 पर बंद हुआ। वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX 3.40% बढ़कर 14.85 पर पहुंचा, जो शॉर्ट-टर्म डेरिवेटिव हेजिंग का संकेत है।

भारत अपनी तेल जरूरतों का 80%+ हिस्सा आयात करता है। ब्रेंट क्रूड में प्रत्येक $10 प्रति बैरल की स्थायी वृद्धि से भारत का वार्षिक आयात बिल $13 से $15 बिलियन बढ़ जाता है और चालू खाता घाटा (CAD) लगभग 40 बेसिस पॉइंट बढ़ता है।

सेक्टरों में टीसीएस और इंफोसिस की अगुवाई में आईटी इंडेक्स 0.85% गिरा। वहीं, सरकारी बैंकों (PSU Banks) और मेटल शेयरों में तेजी रही। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 1.12% और निफ्टी मेटल इंडेक्स 0.78% उछला। तकनीकी रूप से निफ्टी के लिए 24,350 का 50-दिवसीय ईएमए अहम सपोर्ट बना हुआ है।


📉 RBI मौद्रिक नीति: रेपो रेट 5.25% पर अपरिवर्तित, GDP अनुमान बढ़ाया

आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने लगातार चौथी बैठक में बेंचमार्क रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखने का सर्वसम्मत निर्णय लिया। स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) दर 5.00% और एमएसएफ (MSF) दर 5.50% पर बनी हुई है।

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा के नेतृत्व में केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2027 के लिए वास्तविक जीडीपी विकास दर अनुमान को 6.6% से बढ़ाकर 6.7% कर दिया, जिसमें निजी पूंजीगत व्यय और मजबूत शहरी मांग का हवाला दिया गया। साथ ही, घरेलू खाद्य प्रबंधन में सुधार के चलते CPI मुद्रास्फीति का अनुमान 5.2% से घटाकर 5.0% कर दिया गया। स्थिर ब्याज दरों से बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) को मजबूती मिलेगी।


📊 संस्थागत पूंजी प्रवाह: बाजार में गिरावट के बीच FII और DII बने शुद्ध खरीदार

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इंडेक्स में हल्की गिरावट के बावजूद पूंजी प्रवाह की स्थिति काफी मजबूत रही। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने कैश सेगमेंट में ₹258.55 करोड़ ($31 मिलियन) के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹24.77 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की।

भारतीय इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में मासिक एसआईपी (SIP) प्रवाह ₹23,500 करोड़ के सर्वकालिक उच्च स्तर को पार कर चुका है, जो विदेशी फंड्स की बिकवाली को पूरी तरह सोख लेता है।

मुद्रा बाजार में, डॉलर इंडेक्स के 104.20 तक मजबूत होने के बावजूद भारतीय रुपया 83.92 प्रति डॉलर पर स्थिर बना रहा। लगभग $675 बिलियन का विदेशी मुद्रा भंडार रुपये को बाहरी झटकों से पूर्ण सुरक्षा प्रदान कर रहा है।


📌 संक्षेप में (The Bottom Line)

  • nifty-pullback: ब्रेंट क्रूड के $90 छूने से निफ्टी 36 अंक गिरकर 24,435.95 पर बंद हुआ; 24,350 का अहम सपोर्ट मजबूत बना हुआ है।
  • rbi-rate-hold: आरबीआई ने रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रखा, FY27 जीडीपी ग्रोथ अनुमान को बढ़ाकर 6.7% किया और महंगाई अनुमान घटाकर 5.0% किया।
  • fii-dii-flows: विदेशी निवेशकों ने ₹258.55 करोड़ और घरेलू फंड्स ने ₹24.77 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की; मासिक एसआईपी ₹23,500+ करोड़ के पार।

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डिस्क्लेमर: यह विश्लेषण केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रकाशित किया गया है।

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About the Author

Siddharth Purohit — Founder & Chief Editor, RupeeNomics

Siddharth is an active retail investor, software engineer, and personal finance researcher based in India. He founded RupeeNomics to provide unbiased, math-grounded comparisons of Demat accounts, mutual funds, tax regimes, and insurance products. Every guide is independently researched and verified against official SEBI, AMFI, and IRDAI disclosures before publication.

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