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Best ELSS Mutual Funds (2026): धारा 80C में टैक्स बचत के टॉप 5 फंड्स

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Best ELSS Mutual Funds (2026): धारा 80C में टैक्स बचत के टॉप 5 फंड्स

Best ELSS Mutual Funds (2026): धारा 80C में टैक्स बचत के टॉप 5 फंड्स

इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत टैक्स बचाने के कई रास्ते हैं (जैसे PPF, NSC, बैंक FD, LIC), लेकिन ELSS (Equity Linked Savings Scheme) अकेला ऐसा विकल्प है जो एक साथ तीन फायदे देता है:

  1. टैक्स की भारी बचत: ₹1,50,000 के निवेश पर सीधे ₹46,800 तक की टैक्स छूट (30% टैक्स स्लैब में)।
  2. शेयर बाजार का दमदार रिटर्न: ऐतिहासिक रूप से 12% से 18% का वार्षिक चक्रवृद्धि रिटर्न।
  3. सबसे कम लॉक-इन अवधि: मात्र 3 साल का लॉक-इन — जो PPF के 15 साल और टैक्स-सेवर FD के 5 साल की तुलना में सबसे छोटा है।

💡

ELSS क्यों जीतता है: अगर आप ₹1.5 लाख PPF में डालते हैं, तो आपका पैसा 15 साल के लिए 7.1% पर लॉक हो जाता है। वही ₹1.5 लाख अगर अच्छे ELSS फंड में 3 से 5 साल रहता है, तो ऐतिहासिक रिटर्न के अनुसार वह लगभग दोगुना हो सकता है और 3 साल बाद जब चाहें निकाला जा सकता है।

आइए जानते हैं 2026 में निवेश के लिए भारत के टॉप 5 ELSS टैक्स-सेवर फंड्स कौन से हैं।


🏆 भारत के टॉप 5 ELSS फंड्स (2026 रैंकिंग)

फंड का नाम 1 वर्ष का रिटर्न 3 वर्ष का CAGR 5 वर्ष का CAGR एक्सपेंस रेशियो कुल AUM (फंड साइज) न्यूनतम SIP
Mirae Asset ELSS Tax Saver 18.4% 19.2% 21.3% 0.52% ₹22,400 करोड़ ₹500
Quant ELSS Tax Saver 24.1% 22.8% 26.4% 0.57% ₹8,900 करोड़ ₹500
Parag Parikh ELSS Tax Saver 16.2% 17.8% नई स्कीम 0.64% ₹4,100 करोड़ ₹500
DSP ELSS Tax Saver Fund 17.6% 18.3% 19.8% 0.76% ₹12,800 करोड़ ₹500
Axis ELSS Tax Saver Fund 12.8% 14.1% 17.2% 0.57% ₹31,200 करोड़ ₹500

नोट: रिटर्न आंकड़े डायरेक्ट-ग्रोथ (Direct-Growth) प्लान्स के लिए सितंबर 2026 के अनुसार हैं। पिछला रिटर्न भविष्य की गारंटी नहीं है।


🥇 1. Mirae Asset ELSS Tax Saver Fund (नंबर 1 समग्र विकल्प)

नंबर 1 क्यों है: पिछले 7 से 8 वर्षों में यह भारत का सबसे स्थिर और भरोसेमंद टैक्स सेवर फंड साबित हुआ है। यह फंड गैर-जरूरी सट्टेबाजी या मोमेंटम के पीछे नहीं भागता, बल्कि देश की दिग्गज ब्लूचिप कंपनियों (HDFC Bank, ICICI Bank, Infosys, Reliance) में निवेश करता है।

  • लार्ज कैप एलोकेशन: ~75% (अत्यंत सुरक्षित)
  • मिड व स्मॉल कैप: ~25%
  • पोर्टफोलियो टर्नओवर: कम (~25%) — यानी बार-बार शेयर नहीं बेचते, लॉन्ग-टर्म होल्ड करते हैं।
  • किसके लिए बेस्ट: वे निवेशक जो कम उतार-चढ़ाव के साथ रात को चैन की नींद सोना चाहते हैं और स्थिर 14%–16% का रिटर्न पाना चाहते हैं।

🥈 2. Quant ELSS Tax Saver Fund (अधिकतम रिटर्न आक्रामक फंड)

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खासियत: पिछले 3 और 5 सालों में इस फंड ने पूरी ELSS कैटेगरी में सबसे ज्यादा (26%+) रिटर्न दिया है। Quant फंड अपने इन-हाउस क्वांटिटेटिव और डेटा-ड्रिवन मॉडल से तेजी से सेक्टर्स रोटेट करता है (जैसे डिफेंस, सरकारी बैंक, रेलवे, इंफ्रास्ट्रक्चर)।

  • पोर्टफोलियो: 25 से 30 चुनिंदा शेयर्स (कंसेंट्रेटेड पोर्टफोलियो)।
  • टर्नओवर: बहुत अधिक (~150%) — बहुत एक्टिव ट्रेडिंग करते हैं।
  • किसके लिए बेस्ट: वे युवा निवेशक जो बाजार के तेज उतार-चढ़ाव (Volatility) से नहीं घबराते और अधिक जोखिम उठाकर अधिकतम रिटर्न (Alpha) चाहते हैं।

🥉 3. Parag Parikh ELSS Tax Saver Fund (वैल्यू और स्थिरता)

खासियत: पराग पारिख फंड हाउस अपनी सख्त वैल्यू इन्वेस्टिंग फिलॉसफी के लिए जाना जाता है।

  • पोर्टफोलियो में भारी कैश होल्डिंग और कैश-फ्लो जनरेट करने वाले मजबूत बिजनेस शामिल होते हैं।
  • टॉप होल्डिंग्स: HDFC Bank, Bajaj Holdings, ITC, Maruti Suzuki और पावर सेक्टर।
  • किसके लिए बेस्ट: सुरक्षित और कंजर्वेटिव निवेशक जो बियर मार्केट में अपने पैसे की रक्षा करना चाहते हैं।

📊 ELSS बनाम PPF बनाम 5-साल बैंक FD: कौन सा बेहतर है?

मापदंड ELSS म्यूचुअल फंड PPF (पब्लिक प्रॉविडेंट फंड) 5-वर्षीय टैक्स सेवर FD
अनुमानित रिटर्न 12% से 18% (शेयर बाजार) 7.1% (फिक्स सरकारी) 6.5% से 7.5% (बैंक तय)
लॉक-इन अवधि मात्र 3 वर्ष 15 वर्ष 5 वर्ष
मैच्योरिटी पर टैक्स ₹1.25L के ऊपर मुनाफे पर 12.5% 100% टैक्स फ्री (EEE) ब्याज पर स्लैब अनुसार पूरा टैक्स
3 साल बाद लिक्विडिटी 1 से 2 दिन में पैसा बैंक में 7वें साल के बाद सीमित निकासी समय से पहले निकासी संभव नहीं

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₹1,50,000 सालाना निवेश का 15 साल का असर:

  • PPF में (7.1% पर 15 साल): कुल जमा ₹22.5 लाख $\to$ कुल मैच्योरिटी: ~₹40.6 लाख
  • ELSS में (14% औसत पर 15 साल): कुल जमा ₹22.5 लाख $\to$ कुल संपत्ति: ~₹76.5 लाख

टैक्स कटने के बाद भी ELSS आपको PPF से लगभग ₹30 लाख से ₹35 लाख अधिक संपत्ति बनाकर दे सकता है!


⚖️ ELSS मुनाफे पर टैक्स का नियम (LTCG Tax)

चूंकि ELSS में 3 साल का अनिवार्य लॉक-इन होता है, इसलिए इससे मिलने वाला हर रुपया लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) माना जाता है:

  • ₹1,25,000 तक का मुनाफा पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है (बजट 2024 के नए नियम)।
  • ₹1.25 लाख से अधिक के सालाना शुद्ध मुनाफे पर 12.5% की फ्लैट दर से टैक्स लगता है (बिना किसी इंडेक्सेशन के)।

🚀 ELSS में SIP कैसे शुरू करें?

  1. डायरेक्ट प्लेटफॉर्म चुनें: Groww या Zerodha Coin डाउनलोड करें (0% एजेंट कमीशन)।
  2. फंड चुनें: पूरी कैटेगरी में 1 या अधिकतम 2 फंड्स चुनें (जैसे Mirae Asset + Parag Parikh)।
  3. मासिक SIP सेट करें: पूरे ₹1.5 लाख की छूट के लिए ₹12,500 प्रति माह की SIP सबसे आदर्श है।
  4. लॉक-इन का नियम याद रखें: हर महीने की SIP किस्त का अपना अलग 3 साल का लॉक-इन होता है। उदाहरण के लिए, जनवरी 2026 की किस्त जनवरी 2029 में अनलॉक होगी।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्र: क्या नई टैक्स रिजीम में ELSS से टैक्स छूट मिलती है?

उत्तर: नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) में धारा 80C समाप्त कर दी गई है। इसलिए नई व्यवस्था में ELSS पर टैक्स छूट नहीं मिलती। लेकिन एक सामान्य इक्विटी म्यूचुअल फंड के तौर पर यह वेल्थ बनाने के लिए अब भी बेहतरीन है।

प्र: क्या 3 साल पूरे होते ही पैसा निकालना जरूरी है?

उत्तर: बिल्कुल नहीं! 3 साल तो सिर्फ न्यूनतम लॉक-इन अवधि है। अगर बाजार अच्छा चल रहा है और फंड बेहतरीन रिटर्न दे रहा है, तो आप अपने पैसे को 5, 10 या 15 साल तक भी जारी रख सकते हैं।


🏁 अंतिम फैसला (Final Verdict)

यदि आप 80C के तहत टैक्स बचाना चाहते हैं, तो मार्च के अंतिम दिनों में जल्दबाजी में खराब पॉलिसियां लेने के बजाय:


अंतिम समीक्षा: अक्टूबर 2026। सभी रिटर्न आंकड़े डायरेक्ट-ग्रोथ प्लान्स के लिए उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों से लिए गए हैं।

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About the Author

Siddharth Purohit — Founder & Chief Editor, RupeeNomics

Siddharth is an active retail investor, software engineer, and personal finance researcher based in India. He founded RupeeNomics to provide unbiased, math-grounded comparisons of Demat accounts, mutual funds, tax regimes, and insurance products. Every guide is independently researched and verified against official SEBI, AMFI, and IRDAI disclosures before publication.

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