शेयर बाजार सर्किट ब्रेकर, ASM/GSM निगरानी और T+1 सेटलमेंट FAQ (2026): सेबी के कड़े नियम

त्वरित सारांश (Quick Summary): भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) और स्टॉक एक्सचेंजों (NSE/BSE) ने खुदरा निवेशकों को तेज गिरावट, ऑपरेटर सट्टेबाजी और फ्लैश क्रैश से बचाने के लिए दुनिया के सबसे मजबूत सुरक्षा तंत्र विकसित किए हैं। यह मास्टर FAQ पूरे देश के इंडेक्स सर्किट ब्रेकर्स (10%, 15%, 20% पर बाजार रुकना), शेयरों के प्राइस बैंड्स, Additional Surveillance Measure (ASM) व Graded Surveillance Measure (GSM) फ्रेमवर्क, और भारत के ऐतिहासिक T+1 व वैकल्पिक T+0 ट्रेड सेटलमेंट नियमों को विस्तार से समझाता है।
⚡ 1. Nifty और Sensex पर इंडेक्स सर्किट ब्रेकर कैसे काम करते हैं?
इंडेक्स-लेवल सर्किट फिल्टर बाजार में तेज उछाल या भारी गिरावट दोनों स्थितियों में लागू होते हैं:
| ट्रिगर स्तर | समय सीमा | ट्रेडिंग हाल्ट (बाजार रुकना) | प्री-ओपन री-स्टार्ट |
|---|---|---|---|
| 10% की चाल | 1:00 PM से पहले | 45 मिनट ट्रेडिंग पूरी तरह बंद | 15 मिनट प्री-ओपन कॉल ऑक्शन |
| 1:00 PM से 2:30 PM के बीच | 15 मिनट ट्रेडिंग बंद | 15 मिनट प्री-ओपन कॉल ऑक्शन | |
| 2:30 PM के बाद | कोई हाल्ट नहीं (ट्रेडिंग जारी रहती है) | — | |
| 15% की चाल | 1:00 PM से पहले | 1 घंटा 45 मिनट (105 मिनट) हाल्ट | 15 मिनट प्री-ओपन कॉल ऑक्शन |
| 1:00 PM से 2:00 PM के बीच | 45 मिनट हाल्ट | 15 मिनट प्री-ओपन | |
| 2:00 PM के बाद | बाकी पूरे दिन के लिए बाजार बंद | अगले दिन खुलेगा | |
| 20% की चाल | दिन के किसी भी समय | तुरंत पूरे दिन के लिए ट्रेडिंग बंद 🛑 | अगले कारोबारी दिन खुलेगा |
🔍 2. ASM और GSM सर्विलांस लिस्ट क्या हैं?
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जब कोई पेनी स्टॉक या कंपनी बिना किसी वित्तीय आधार के अचानक 200%–500% भागने लगती है (ऑपरेटर पंप-एंड-डंप):
- ASM (Additional Surveillance Measure): सेबी असामान्य वॉल्यूम और हाई क्लाइंट कंसंट्रेशन वाले शेयरों को ASM में डाल देता है। इस पर 100% अपफ्रंट मार्जिन लगता है और इंट्राडे लीवरेज बंद हो जाता है।
- GSM (Graded Surveillance Measure): कमजोर फंडामेंटल वाली सट्टा कंपनियों पर GSM लगता है। स्टेज 2 से आगे जाने पर हर खरीद पर 50% से 100% का अतिरिक्त सर्विलांस डिपॉजिट (ASD) कटता है जो खरीदार को 5 महीने तक वापस नहीं मिलता!
- सावधानी: यदि आपका कोई स्टॉक ASM या GSM लिस्ट में आ जाए, तो समझ लें कि उसमें ऑपरेटर एक्टिव हैं और भारी रिस्क है।
⚡ 3. भारत का ऐतिहासिक T+1 और T+0 सेटलमेंट
भारत दुनिया का पहला प्रमुख देश है जिसने T+1 सेटलमेंट पूरी तरह लागू किया:
- T+1 (Trade + 1 Day): यदि आप सोमवार को शेयर खरीदते हैं, तो मंगलवार सुबह तक शेयर आपके डीमैट खाते में आ जाते हैं और बेचने पर मंगलवार को ही फंड्स विथड्रॉल के लिए उपलब्ध हो जाते हैं।
- T+0 (Same-Day Settlement): सेबी ने शीर्ष 500 शेयरों के लिए वैकल्पिक उसी दिन (Same-Day) सेटलमेंट का पायलट भी शुरू कर दिया है, जिससे पैसा और शेयर मिनटों में सेटल हो जाते हैं।
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