🏠 लोन ईएमआई (EMI) की गणना कैसे होती है?
ईएमआई (Equated Monthly Installment) वह तय मासिक राशि है जो कर्जदार हर महीने बैंक को चुकाता है। हर ईएमआई में दो हिस्से होते हैं: पहला मूलधन (Principal) और दूसरा ब्याज (Interest)। भारत के अधिकांश बैंक रिड्यूसिंग बैलेंस (Reducing Balance) विधि पर ब्याज की गणना करते हैं।
💡 होम लोन पर लाखों रुपये ब्याज बचाने का "सीक्रेट प्रीपेमेंट फॉर्मूला"
शुरुआती 5 से 7 वर्षों में आपकी ईएमआई का 70% से ज्यादा हिस्सा केवल बैंक का ब्याज चुकाने में जाता है। यदि आप:
- साल में सिर्फ 1 अतिरिक्त ईएमआई भर देते हैं (Part-prepayment), या
- हर साल अपनी ईएमआई 5% बढ़ा देते हैं,
तो आपका 20 साल का होम लोन मात्र 14 से 15 साल में समाप्त हो जाएगा और आपके सीधे ₹8 लाख से ₹15 लाख रुपये का ब्याज बच जाएगा!